जन औषधि केंद्र खोलने के नाम पर करोड़ों की ठगी

जन औषधि केंद्र खोलने और दवा में फायदा दिलवाने के नाम पर ठगों ने दर्जनों लोगों से करोड़ों रुपये ठग लिए। पीड़ितों ने मामले की शिकायत एसएसपी से की। एसएसपी के आदेश पर इंदिरापुरम थाने में दो नामजद समेत अन्य अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ठगों की तलाश कर मामले की जांच कर रही है।
कुछ लोग शक्ति खंड-तीन इंदिरापुरम में लाल हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड फार्मेसी नाम से एक कंपनी का ऑफिस चला रहे हैं। मुजफ्फरनगर निवासी देवेंद्र कुमार ने बताया कि हेल्थ केयर के संचालक डा. मनवीर अत्रि और स्वरूप दत्त ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर उन्हें 70 फीसदी तक सस्ती दवाएं दिलाने का झांसा दिया था। इसके साथ रुपये कमाने का झांसा देकर रुपये जमा कराए। लोगों से दो तरह से रुपये जमा कराए गए। पहला स्टोर खोलने के नाम पर 15 लाख रुपये लिए गए। इसमें बताया गया कि स्टोर पर 15 लाख रुपये की दवाई रखी जाएगी। तीन साल तक 60 हजार रुपये महीना लाभ के रूप में दिया जाएगा। दूसरा लोगों से 10 हजार, 55 हजार और 1.50 लाख रुपये जमाकर एक कार्ड बनाया। 10 हजार रुपये जमा कर कार्ड बनवाने वाले को हर सप्ताह 300 रुपये की दवा या लैब में जांच कराने या फिर रुपये देने की बात की। 55 हजार रुपये जमा करने वाले को हर सप्ताह 1200 रुपये की दवाई या लैब में जांच या रकम देने की बात की। इसी प्रकार 1.50 लाख रुपये जमा करने वाले को हर सप्ताह सात हजार रुपये की उपरोक्त चीजें देने की बात की। शातिरों ने गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, गौतमबुद्ध नगर समेत अलग-अलग अन्य जिलों के सैकड़ों लोगों को अपने जाल में फंसाया। 20 सितंबर को लोग अपना पैसा लेने कार्यालय पहुंचे तो वह बंद मिला। एसएचओ दीपक शर्मा ने बताया कि एसएसपी के आदेश पर शुक्रवार को दो नामजद एवं अज्ञात ठगों के खिलाफ इंदिरापुरम थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पीड़ित हरेंद्र ने बताया कि उन्होंने छह लाख रुपये जमाकर यह कार्ड बनवाया है। वहीं, देवेंद्र ने तीन लाख रुपये जमा किए हैं। देवेंद्र ने बताया कि उन लोगों को ठगने के लिए शातिरों ने मंत्रियों व अधिकारियों के साथ अपनी फोटो दिखाई। अपने केंद्रों के उद्घाटन की फोटो दिखाई। इससे उन लोगों को विश्वास हो गया।